रविवार, 7 नवंबर 2010

देखिए न हुजूर

देखिए न हुजूर
कितना मारा है
इधर देखिए हमारी पीठ
जांघों पर ये लाल निशान
जबड़ा ही तोड़ डाला कंबख्तों ने
पूरी की पूरी बत्तीसी हिला डाली
देखिए न हुजूर....
कुछ कीजिए आका
बस आपका ही आसरा 
जी, 
जी, हो जाएगा हुजुर
किधर किधर दस्तख्त मारे बताइए
बिजनेस आप ही करेंगे, शपथ
थैंक्यू सर
आप आए हम निहाल हैं
कहें तो स्वागत में अपनी चमड़ी ही बिछा दें
आपकी दोस्ती के लिए थैंक्यू सर
पर देखिए हुजूर
हम तो बोल भी नहीं पा रहे
बहुत मारा है हुजूर
जबड़ा तक सुजा डाला
पीठ देखिए न हुजूर
जांघे

3 टिप्‍पणियां:

  1. च्च-च्च... किसने मार दिया भाई?
    ओफ़्फ़ो, बड़ा बेदर्द निकला।

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  2. तुम जहां कहोगे
    अंगु्ठा तो वहीं लगा देगें हमारे रहनुमा
    लेकिन ध्यान रहे
    यह वही प्रजा है जिसके सामने
    सिकंदर ने शिकस्त खाई थी।

    गहरा कटाक्ष किया है तुमने
    केवल सिर्फ़ केवल

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