जरा इधर भी

रविवार, 31 अक्टूबर 2010

गुमनाम नायक

http://sahityashilpi.blogspot.com/2010/10/blog-post_28.html
प्रस्तुतकर्ता Unknown पर 8:33 am कोई टिप्पणी नहीं:
इसे ईमेल करेंइसे ब्लॉग करें! X पर शेयर करेंFacebook पर शेयर करेंPinterest पर शेयर करें
नई पोस्ट पुराने पोस्ट मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें संदेश (Atom)

फ़ॉलोअर

कुल पेज दृश्य

Feedjit

Feedjit

सदस्यता लें

संदेश
Atom
संदेश
सभी टिप्पणियां
Atom
सभी टिप्पणियां

लेखा-जोखा

विजेट आपके ब्लॉग पर

लोकप्रिय पोस्ट

  • शर्म मगर आती नहीं
      देश में हजारों टन अनाज सड़ने और शरद पवार को सुप्रीम कोर्ट की बत्ती के बीच एक खबर यह भी :- बांदा- उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद के एक गांव मे...
  • 51 वां सापेक्ष विनोदकुमार शुक्ल पर
     अनियतकालीन साहित्यिक पत्रिका सापेक्ष 51 वां अंक वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के व्यक्तित्व पर केन्द्रित है। इस अंक में श्री शुक्ल क...
  • तस्वीरों में कहां समाता वह विनाश (गुजरात में भूकंप की आंखों देखी-2)
    रायपुर, 5 फरवरी 2001 (देशबन्धु)। आप शायद मुझसे यही जानना चाहें कि गुजरात में कितनी तबाही हुई। वहां मौतों का असली आंकड़ा क्या है। बेघर हो चु...
  • बच्चा लोग ताली बजाएगा
    पिटारे में न तो सांप होता है और न ही डिब्बे में कोई नेवला। फिर भी सांप और नेवले के बीच एक धुंआधार टक्कर की उम्मीद बंधाकर मदारी अपना तमाशा पू...
  • करवट
    अभी सब सो रहे हैं सामने की वो टेबल, उस पर रखी किताबें दीवार पर टंगा टेलीविजन खिड़कियां, दरवाजे सब। रातभर की चौकीदारी के बाद  वो लट्ट...
  • फलक पर बद्दुआएं
    मेरे घर की देहरी लांघ रहे थे तो मैंने अभिवादन किया। वे मुझसे ही मिलने आ रहे थे, लेकिन ताज्जुब उनका ध्यान मेरी ओर बिलकुल नहीं था। मेरे अभिवाद...
  • वेदांता ने की सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना (bbc)
      विनोद वर्मा बीबीसी संवाददाता, दिल्ली बीबीसी के पास उपलब्ध दस्तावेज़ों से पता चलता है कि वेदांता रिसोर्सेस की सहयोगी संस्था स्टरलाइट इंडस्ट...
  • बहुरने के बाद
    अब तो साला गांव में भी घुस गया है राजनीति। मालगुजार बांड़ा का अंगना लिपइय्या बैसाखू का नाती ले आया है नेवई के डउकी उसी के बुध में...
  • गुजरात के भूकंप की आंखों-देखी-1
    भूकंप से जिंदगी एक बार फिर दहल गई है। वर्ष 2001 में गुजरात में आए भूकंप की कुछ तस्वीरें मैंने पोस्ट की थी। उस दौरान देशबन्धु के संवाददाता क...
  • लाल पानी में दूध की धार
    केवलकृष्ण ढोलकाल के शिखर पर गणपति मुस्कुरा रहे हैं। बादलों से लिपटी बैलाडीला की पहाड़ियां उचक-उचक कर देख रही हैं। शंखनी-डंकनी मचल रह...

Facebook Badge

Kewal Krishna

Create Your Badge

ब्लॉग आर्काइव

  • ►  2017 (3)
    • ►  जनवरी (3)
  • ►  2016 (3)
    • ►  दिसंबर (1)
    • ►  अक्टूबर (2)
  • ►  2014 (6)
    • ►  मई (2)
    • ►  अप्रैल (1)
    • ►  फ़रवरी (3)
  • ►  2013 (4)
    • ►  मई (3)
    • ►  अप्रैल (1)
  • ►  2012 (1)
    • ►  मई (1)
  • ►  2011 (56)
    • ►  नवंबर (14)
    • ►  अक्टूबर (3)
    • ►  सितंबर (30)
    • ►  अगस्त (3)
    • ►  फ़रवरी (6)
  • ▼  2010 (58)
    • ►  दिसंबर (15)
    • ►  नवंबर (18)
    • ▼  अक्टूबर (1)
      • गुमनाम नायक
    • ►  सितंबर (2)
    • ►  अगस्त (22)

googal

Ping Yahoo

मेरे बारे में

Unknown
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें

Read in your own script

Roman(Eng) ગુજરાતી বাংগ্লা ଓଡ଼ିଆ ਗੁਰਮੁਖੀ తెలుగు தமிழ் ಕನ್ನಡ മലയാളം हिन्दी
Via chitthajagat.in

-

member of
hindi blogs
www.hamarivani.com

CG Blog
मेरे द्वारा रचित प्रविष्टियाँ पढ़ें

CG Blog
Indli Images - Humour, Cinema, Travel, Technology, Girls / Actress, Weird Images
सरल थीम. Blogger द्वारा संचालित.